वातारि चूर्ण के यह 7 फायदे और नुकसान।Patanjali Divya Vatari Churna ke fayde

वातारि चूर्ण खाने की विधि। Vatahari Vati uses in Hindi। वातारि चूर्ण के घटक द्रव्य। वातारि चूर्ण लेने की विधि। Vatari Churna ke fayde। वातारि चूर्ण के फायदे और नुकसान। vatari churna uses in hindi। वातारि चूर्ण के नुकसान। पतंजलि का वातारि चूर्ण। Patanjali Divya Vatari Churna Side Effects in Hindi । पतंजलि वातारि चूर्ण की कीमत। Patanjali Divya Vatari Churna Benefits in Hindi


बढ़ती उम्र के साथ मनुष्य का शरीर कई प्रकार की बिमारियो से ग्रस्त होने लगता है तथा जिसमे वात,गठिया और जोड़ो मैं दर्द बहुत आम समस्या हो गई है जिससे की अधिकतर लोग आज के समय मै पीड़ित हैं।

वात रोग ,गठिया और जोड़ो के दर्द के लिए हर चिकित्सा पद्धति मैं अनेकों प्रकार की दवाएं मौजूद है तथा इस लेख मैं हम ऐसे ही एक आयुर्वैदिक दवाई पतंजलि वातारि चूर्ण के फायदे और नुकसान के बारे मैं जानेंगे।

साथ ही साथ वातारि चूर्ण खाने की विधि और वातारि चूर्ण के घटक द्रव्य के बारे मैं भी जानेंगे एवम इसके इस्तेमाल के दौरान कोन सी सावधनियां रखनी चाहिए इसके बारे में भी हम जानेंगे।


वातारि चूर्ण क्या है।vatari churna in hindi

वातारी चूर्ण एक आयुर्वेदिक औषधि है जो की चूर्ण के रूप मै आती है जिसका उपयोग आम वात रोग ,गठिया एवम शरीर मैं होने वाले दर्द के लिए किया जाता हैं इसके निर्माता भारत की जानी मानी कंपनी पतंजलि दिव्य फार्मेसी है।

यह भी पढ़े


वातारि चूर्ण के फायदे।Patanjali Divya Vatari Churna Benefits in Hindi

वातारि चूर्ण का इस्तेमाल वात रोग,गठिया रोग और जोड़ों मैं दर्द जैसी समस्यायों के उपचार ओर बचाव हेतु किया जाता हैं।इसके अतिरिक्त यह कई और बीमारियों के उपचार मैं भी उपयोगी होता हैं जिसके बारे मैं हम आगे जानेंगे।

वातारि चूर्ण के मुख्य लाभ।vatari churna uses in hindi

वातारी चूर्ण का सेवन मुख्य रूप से आमवात रोग के निदान हेतु किया जाता है आमवात रोग एक स्थिति होती है जिसमे की पेट मैं अधिक गैस जमा हो जाती है जिसके कारण रोगी के जोड़ो मैं दर्द होने लगता हैं।

तथा वातारी चूर्ण आमवात मैं होने वाले गैस की समस्या को दूर करता है और जोड़ो के दर्द से राहत दिलाने मैं बेहद फायदेमंद होता हैं।

यह भी पढ़े


वातारि चूर्ण के अन्य लाभ।vatari churna patanjali uses in hindi

वातारी चूर्ण कई प्रकार की अलग अलग घटक सामग्रियों से मिलकर बना है जो की वात रोग के साथ कई और समस्यायों मैं भी उपयोगी और फायदेमंद होता है।

तो आइए वातारी चूर्ण के अन्य लाभों के बारे में विस्तार से जानते हैं।

  • जोड़ो ओर शरीर मैं होने वाले दर्द को दूर करने के लिए वातारी चूर्ण अत्यंत लाभकारी दवाई हैं।
  • गठिया रोग मैं होने दर्द जोड़ो मैं अकड़न और सूजन जेसे लक्षणों को कम करने और राहत दिलाने मैं वातारी चूर्ण फायदेमंद है।
  • कमर के दर्द मैं भी वातारी चूर्ण का इस्तेमाल करने से काफी लाभ मिलता हैं।
  • कटिस्नायुशूल रोग मैं भी वातारी चूर्ण फायदेमंद होता हैं कटिस्नायुशूल पीट के निचले हिस्से मैं होने वाला एक प्रकार का हड्डियों का रोग है।
  • पेट मैं बन रही अधिक गैस की समस्या मैं भी वातारी चूर्ण उपयोगी होता है इसमें मेथी कुटकी और सुरजान जैसी औषधियां होती है जो की गैस की समस्या को दूर करती है।
  • पाचन के लिए भी वातारी चूर्ण फायदेमंद होता है यह दर्द मैं राहत पहुंचाने के साथ पाचन को भी ठीक करता हैं।
  • वातारी चूर्ण मैं सोंठ भी सम्मिलित होता है को की कफ और खासी जैसी समस्याओें मैं फायदेमंद होता है।

यह भी पढ़े


वातारि चूर्ण के नुकसान।vatari churna side effects in hindi 

वातारी चूर्ण एक आयुर्वेदिक दवाई है तथा यही कारण है की इसके दुष्प्रभावों के बारे मैं चिकत्सा जगत मै ज्यादा अधिक जानकारी उपलब्ध नहीं है अथवा अज्ञात है।

लेकिन कुछ स्थितियों में वातारी के साईड इफेक्ट देखने को मिल सकते हैं।

तो आइए जानते हैं कि पतंजलि वातारी चूर्ण के क्या नुकसान हैं।

  1. निर्धारित मात्रा से अधिक और गलत तरीके से इसका सेवन किए जाने पर इसके दुष्प्रभाव देखने को मिल सकते हैं।
  1. शराब पीने के बाद यदि वातारी चूर्ण का सेवन किया जाता है तो इसके नुकसान हो सकते हैं।
  1. इसमें उपस्थित किसी घटक से किसी प्रकार की एलर्जी होने के बावजूद इसका सेवन करने पर इसके दुष्प्रभाव देखने को मिल सकते हैं।
  1. एक्सपायरी हो चुके वातारी चूर्ण का सेवन करे पर भी इसके नुकसान शरीर पर देखने को मिल सकते हैं।

वातारी चूर्ण के दुष्प्रभावों से जुड़े आपके कुछ व्यक्तिगत अनुभव या जानकारी है तो कमेंट के माध्यम से जरूर शेयर करें यह हमारे और हमारे पाठको के लिए एक महत्त्वपूर्ण जानकारी होगी।

यह भी पढ़े


वातारी चूर्ण से संबंधित सावधानी।Patanjali Divya Vatari Churna Related Warnings in Hindi

वातारी का सेवन करने दौरान कुछ सावधानियां है जिन्हे ध्यान में रखना बेहद जरूरी होता है जिन्हे यदि ध्यान मैं रखा जाए तो अनजाने में होने वाली हानि से बचा जा सकता है।

  • ऐसे लोग जो की किसी गंभीर स्वास्थ्य समस्या से पीड़ित है और उपचार ले रहे हैं उन्हें इसका सेवन चिकित्सक की सलाह के बाद ही करना चाहिए।
  • गर्भवती महिलाओ को वातारी चूर्ण का इस्तेमाल चिकित्सक की सलाह के बाद ही करना चाहिए।
  • इसमें उपस्थित किसी घटक से किसी प्रकार की एलर्जी या समस्या होने पर इसका इस्तेमाल न करें।
  • ऐसी महिलाएं जो की हालही मै मां बनी है और अपने शिशु को स्तनपान कराती उन्हे वातारी चूर्ण का सेवन चिकित्सक की सलाह के बाद ही करना चाहिए।
  • हाई ब्लड प्रेशर और डायबिटीज के मरीजों को इसका सेवन डॉक्टर की सलाह के बाद करना चाहिए।
  • वातारी चूर्ण का उपयोग पैक मैं दिए गय निर्देश अथवा चिकित्सक द्वारा बताए गए तरीके से ही करें।

यह भी पढ़े


वातारि चूर्ण खाने की विधि।Patanjali Divya Vatari Churna Dosage in Hindi

वातारि चूर्ण खाने की विधि क्या हैं ? किसी भी दवाई को लेने का एक सही समय और नियम होता है तभी यह आपके शरीर को पूर्ण रूप से फायदा पहुंचाती है।

ठीक उसी प्रकार से वातारी चूर्ण को भी लेने का एक सही तरीका होता है।

तो आइए जानते हैं कि पतंजलि वातारी चूर्ण का सेवन केसे किया जाता हैं।

विधी: वातारी चूर्ण का लाभ लेने के लिए 1–1 चम्मच वातारी चूर्ण सुबह शाम भोजन के बाद गुनगुने पानी के साथ सेवन करें।

ध्यान रहे: वातारी चूर्ण का सेवन आप यदि डॉक्टर की सलाह से कर रहे है तो उनके द्वारा बताए गए तरीके से ही करे।

यह भी पढ़े


वातारि चूर्ण के घटक द्रव्य।vatari churna ingredients in hindi

वातारी चूर्ण मैं निम्नलिखित घटक सामग्री सम्मिलित होती है।

  • सौंठ
  • अश्वगंधा
  • कुटकी
  • सुरजना
  • मैथी
  • सौंफ

पतंजलि वातारि चूर्ण की कीमत। Vatari churna price

पतंजलि वातारी चूर्ण की कीमत 105/–रुपए है जिसे पतंजलि के अधिकृत स्टोर या किसी अन्य मेडिकल स्टोर से खरीद सकते हैं।


FAQ: वातारि चूर्ण के फायदे और नुकसान

Q: वातारि चूर्ण की तासीर?

Ans: पतंजलि दिव्य वातारि चूर्ण मैं सौंठ, अश्वगंधा, मैथी और विधारा जैसी औषधीय सम्मिलित की गई है जिसकी वजह से वातारि चूर्ण की तासीर गर्म होती है।

Q: वातारि चूर्ण किस काम आता है?

Ans: पतंजलि दिव्य वातारि आर्थराइटिस, साइटिका,रूमेटिज्म और गाउट जेसे रोगों के उपचा मैं काम आता है।

Q: वातारि चूर्ण लेने की विधि क्या है?

Ans: वातारि चूर्ण लेने की विधि कुछ इस प्रकार है सुबह सुबह एक एक चम्मच भोजन के बाद सामान्य जल के साथ सेवन करे। 

Bablu Bhengra
Spread the love

2 thoughts on “वातारि चूर्ण के यह 7 फायदे और नुकसान।Patanjali Divya Vatari Churna ke fayde”

  1. Can I take 1 teaspoonful of Vatarri churna with lukewarm water early in the morning before teeth brush with empty stomach ?
    Please advise

    Reply

Leave a Comment