सप्तविंशति गुग्गुल के फायदे नुक्सान उपयोग। Saptvinshati guggul uses in hindi

सप्तविंशति गुग्गुल क्या हैं? Saptvinshati Guggul in hindi

सप्तविंशति गुग्गुल एक आयुर्वेदिक औषधि हैं जो की टैबलेट के रूप मैं आयुर्वेदिक दवाओं की दुकानों पर उपलब्ध होता हैं सप्तविंशति गुग्गुल का उपयोग मुख्यतः पेट से सम्बंधित समस्याओं और बवासीर मैं किया जाता है।आपको इसे खरीदने के लिए किसी भी डॉक्टर के पर्चे की आवश्यकता नहीं होती हैं। सप्तविंशति गुग्गुल का उपयोग कई और भी अन्य बिमारियों मैं निदान पाने के लिए भी किया जाता हैं जिसके बारे मैं आगे जानेगे। 

 

सप्तविंशति गुग्गुल मुख्य घटक। Saptvisanti Guggul Ingredients in Hindi

सप्तविंशति गुग्गुल मुख्या रूप से बवासीर जैसी समस्यायों मैं इस्तेमाल की जाने वाली एक कारगर दवाई हैं लेकिन इसके अलावा इसका उपयोग अन्य बिमारियों के इलाज के लिए भी किया जाता हैं जिसका कारण इसमें मौजूद 29 प्रकार के औषदीय घटक होते हैं तो आइये जानते हैं की इसमें कौन कौन से औषदीय घटक होते हैं।

 

1. गिलोय 16. चित्रमूल
2. शुद्ध गुग्गुल 17. छब्या
3. पीपल 18. कचुरी
4. मारीचो 19. बड़ी इलायची
5. वै विदांगी 20. पिप्पला मूल
6. नागरमोथा 21. हाउबर
7. सौंथ 22. देवदरु
8. पुष्कर मूल 23. गजपीपाल
10. हराडी 24. आमला
11. सैंध नमकी 25. बहेड़ा
12. सज्जी क्षरो 26. यव खशरी
13. विद नमकी 27. काला नमकी
14. दारुहल्दी 28. हल्दी
15. टुम्ब्रू 29. इंद्रायणमूल

 

सप्तविंशति गुग्गुल के चिकित्सा उपयोग। Saptvinshati guggul uses in hindi

सप्तविंशति गुग्गुल एक कारगर और बेहद उपयोगी दवाई हैं जिसका सामान्यतः पेट से सम्बंधित रोगो मैं राहत पाने के लिए तथा पेट मैं दर्द,ऐठन,सीने मैं दर्द जैसे मुद्दों बचाव के लिए किया जाता हैं लेकिन सप्तविंशति गुग्गुल का उपयोग इसके अलावा संक्रमण को रोकने एवं त्वचा के घाव व् चोट के उपचार मैं एवं यह कई दूसरी बिमारियों से लड़ने मैं भी सहायक होती हैं तो आइये इसे विस्तार से जानते है की सप्तविंशति गुग्गुल किन किन और बिमारियों मैं उपयोगी हैं। 

 

1.सबसे प्रथम उपयोग एवं जिसके लिए यह जानी जाती वह हैं पाइल्स यानि की बवासीर जिसके लिए सप्तविंशति का उपयोग सबसे ज्यादा किया जाता हैं बवासीर के अलावा यह फिस्टुला और फ़िस्सुर जैसे रोगो मैं भी बेहद फायदेमंद और उपयोगी औषधि हैं। 

 

2.दोस्तों सप्तविंशति गुग्गुल पेट मैं होने वाली सामान्य समस्यां जैसे पेट मैं दर्द, गैस बनना,बदहज़मी इन सभी को दूर करने मैं अत्यंत उपयोगी दवाई हैं तथा यह पेट मैं होने संक्रमण से भी आपको बचाता हैं। 

 

3.सप्तविंशति गुग्गुल हड्डियों पर भी प्रभावी रूप से कार्य करती हैं यह सीने मैं होने वाले पसलियों के दर्द से राहत पाने मैं अत्यंत उपयोगी आयुर्वेदिक औषधि हैं यह दर्द को दूर कर राहत पहुँचाती हैं। 

 

4.सप्तविंशति गुग्गुल मैं सूजन विरोधी गुण मौजूद होते हैं जो की शरीर मैं होने वाले सूजन को दूर करने मैं काफी सहायक होता हैं सूजन के साथ साथ यह दर्द को भी कम करने उतना ही असरदार हैं। 

 

5.वात एव गठिया रोग आज एक आम समस्या बन चूका जिसका शिकार आज हर बुजुर्ग व्यक्ति हैं तथा सप्तविंशति गुग्गुल वात एवं गठिया रोग से भी बचाव के लिए भी बखूबी रूप से कार्य करता हैं। 

 

6.पेट मैं होने वाले कृमि यानि के कीड़ो के लिए भी सप्तविंशति गुग्गुल काफी उपयोगी मानी जाती हैं कृमि की अधिक समस्या छोटे बच्चो और अधिक मीठा खाने वाले लोगो को होती हैं। 

 

7.त्वचा मैं होने वाले संक्रमण व् अन्य चर्म विकारो मैं भी सप्तविंशति गुग्गुल का उपयोग किया जाता हैं यह चर्म रोगो से राहत पाने मैं काफी उपयोगी होती हैं यहाँ तक की इसका इस्तेमाल कुष्ट रोग एवं सोरायसिस जैसे रोगो के इलाज मैं भी किया जाता हैं।

8.सप्तविंशति गुग्गुल का इस्तेमाल नाड़ी व्रण (नाड़ी अल्सर) से ग्रसित मरीज के लिए भी बेहद फायदेमंद माना जाता हैं।

 

सप्तविंशति गुग्गुल कितना खाना चाहिए 

सप्तविंशति गुग्गुल टैबलेट के रूप आती हैं जिसका इस्तेमाल खाने के बाद किया जाता हैं तथा यह दिन मैं दो बार लिया जाता एवं एक साथ इसे दो गोली लेना उचित माना गया हैं। बताई गई दवा की खुराक एक सामान्य अवस्था मैं दी जाने वाली खुराक हैं यह खुराक रोगी की आयु एवं उसकी स्वास्थ्य स्थिति के अनुसार अलग अलग हो सकती हैं।  

 

और यदि आप किसी अन्य बीमारी से जूझ रहे हैं या उपचार ले रहे हैं तो सप्तविंशति गुग्गुल का इस्तेमाल चिकित्सक के परामर्श से करे। 

 

सप्तविंशति गुग्गुल का सेवन किन्हे नहीं करना चाहिए

सप्तविंशति गुग्गुल के सेवन से होने वाले फायदों और सेवन विधि के बारे मैं तो आपने जान लिया लेकिन क्या आप जानते है की कुछ स्थितियों मैं सप्तविंशति गुग्गुल का सेवन नहीं करना चाहिए हलाकि यह एक आयुर्वेदिक औषधि है तो अभी तक इसके दुप्रभावो के बारे मैं कोई अधिक जानकारी नहीं हैं तो आइये जानते हैं किन लोगो को इसके सेवन से बचना चाहिए। 

 

  • गर्भवती महिलाओ को इसका सेवन नहीं करना चाहिए क्योकि गर्भावस्था के दौरान किसी भी अन्य दवाई का इस्तेमाल बिना किसी चिकित्सा सलाह के करना आपके और आपके होने वाले बच्चे के लिए हानिकारक साबितहो सकता हैं। 

 

  • छोटे बच्चो को सप्तविंशति गुग्गुल का सेवन डॉक्टर के परामर्श से ही करना चाहिए क्योकि बच्चो की पाचन शक्ति और शारीरिक क्षमता व्यस्क लोगो से अलग होती अतः इसके उपयोग से होने वाले परिणाम बच्चो के लिए चिंता जनक हो सकते हैं। 

 

  • शराब के सेवन के बाद सप्तविंशति गुग्गुल का सेवन न करे यह आपके लिए नुक्सान दायक हो सकता हैं क्योकि यह आपके शरीर मैं प्रवेश कर एल्कोहल मैं मिश्रित हो कर शरीर को नुक्सान पंहुचा सकता हैं। लेकिन अभी तक इस बात पर कोई पुष्टिकरण या शोध मौजूद नहीं हैं।

      

  • ऐसी महिलाये जो अभी अभी माँ बनी हैं तथा अपने बच्चे को स्तनपान कराती हैं उन्हें सप्तविंशति गुग्गुल का सेवन नहीं करना चाहिए या फिर करते भी हैं तो चिकित्सक के परामर्श से ही करना चाहिए। 

 

  • उच्च रक्त चाप(हाई ब्लड प्रेसर) के मरीज इसका सेवन डॉक्टर की सलाह से करे।

 

  • ऐसे लोग जी पहले से ही किसी अन्य गंभीर बीमारी से ग्रसित हैं तथा उनका वर्तमान समय मैं उपचार चल रहा हैं लोग सप्तविंशति गुग्गुल का सेवन न करे।

 

  • हाल ही मैं जिन लोगो का पेट से सम्बंधित कोई ऑपरेशन या सर्जरी हुआ हैं ऐसे लोग सप्तविंशति गुग्गुल का सेवन न करे।  

Bablu Bhengra
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