बाबा रामदेव द्वारा बताई गई 3 असरदार। चिकनगुनिया की आयुर्वेदिक दवा पतंजलि।

चिकनगुनिया की आयुर्वेदिक दवा पतंजलि: चिकनगुनिया एक वायरल बीमारी है जो चिकनगुनिया वायरस के कारण होती है। यह वायरस संक्रमित मच्छर के काटने से फैलता है। यह वायरस पुरुष, महिला, बच्चे किसी को भी संक्रमित कर सकता है। चिकनगुनिया के उपचार के लिए विभिन्न प्रकार की दवाएं उपलब्ध हैं जिनका उपयोग चिकित्सक की सलाह से किया जा सकता है।

तथा इस लेख में हम चिकनगुनिया के उपचार के लिए बाबा रामदेव द्वारा बताई गई पतंजलि की दवाओ के बारे में जानेंगे तथा इन दावों का उपयोग कैसे किया जाता है और इसके इस्तेमाल के दौरान आपको कौन-कौन सी सावधानियां रखनी चाहिए इसके बारे में भी हम इस लेख में जानेंगे।


चिकनगुनिया की आयुर्वेदिक दवा पतंजलि।

पतंजलि आयुर्वेद के ब्रांड एंबेसडर और जाने माने योग गुरु बाबा रामदेव जी अपने कई वीडियो में चिकनगुनिया के उपचार के लिए पतंजलि आयुर्वेद की दवाइयां के बारे में बताते हैं लिए इन दवाइयों के बारे में विस्तार से जानते हैं।

1. पतंजलि गिलोय घन वटी

पतंजलि आयुर्वेद की गिलोय घनवटी जिसके मुख्य घटक के रूप में गिलोय को शामिल किया गया है। गिलोय चिकनगुनिया के उपचार और इससे जुड़े लक्षणों की रोकथाम के लिए बहुत ही फायदेमंद दवाई है गिलोय घनवटी शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाती है तथा चिकनगुनिया जैसे वायरल संक्रमण से शरीर का बचाव भी करता है।

2. पतंजलि दिव्य चंद्रप्रभा वटी 

पतंजलि दिव्य चंद्रप्रभा वटी आयुर्वेदिक चिकित्सा में एक बहु उपयोगी दवाई है चंद्रप्रभा वटी में विभिन्न प्रकार की प्राकृतिक औषधियां का मिश्रण शामिल होता है जो चिकनगुनिया से जुड़े लक्षण थकान ,जोड़ों के दर्द ,मांसपेशियों में दर्द, सिर दर्द जैसे लक्षणों से राहत पाने में मदद करता हैं तथा चिकिनगुनिया के वायरस को भी खत्म करते है इसके अलावा यह शारीरिक कमजोरी को भी दूर करता हैं।

3. पतंजलि शुद्ध शिलाजीत सत

चिकनगुनिया के उपचार के लिए बाबा रामदेव अपने वीडियो में पतंजलि शिलाजीत सत का भी जिक्र किया है इसके सेवन से चिकनगुनिया में आई सामान्य दुर्बलता दूर होती है तथा जोड़ों के दर्द, मांसपेशियों के दर्द और थकान जैसी स्थिति मैं आराम मिलता है।

4. दिव्य महासुदर्शन घन वटी

चिकनगुनिया रोग के लक्षणों मैं बुखार ,सिर दर्द, जोड़ों का दर्द, मासपेशियों का दर्द शामिल है तथा पतंजलि आयुर्वेद की महासुदर्शन घन वटी इन सभी लक्षणों से राहत पाने मैं मदद करती है इसके अलावा यह सभी प्रकार के ज्वर मैं लाभकारी होती है।

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चिकनगुनिया की आयुर्वेदिक दवा पतंजलि सेवन विधि।

चंद्रप्रभा वटी: सुबह शाम दो दो गोली भोजन के बाद गुनगुने जल के साथ सेवन करें।

गिलोय घनवटी: सुबह शाम दो दो गोली भोजन के बाद गुनगुने जल के साथ सेवन करें।

शिलाजीत सत: एक गिलास गुनगुने दूध मैं दो से तीन बूंद शिलाजीत डालकर सेवन करे।

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चिकनगुनिया से बचाव के अन्य उपाय 

चिकनगुनिया एक वायरस संक्रमण है जो कि मच्छरों के काटने से होता है तथा चिकनगुनिया  से बचाव का सबसे अच्छा तरीका संक्रमित मच्छरों के काटने से बचना।

  • मच्छरदानी का उपयोग करें: जब आप सो रहे हों तो मच्छरदानी का उपयोग करें।
  • कपड़े पहनें जो आपकी त्वचा को ढकें: जब आप बाहर हों तो ऐसे कपड़े पहनें जो आपकी त्वचा को ढकें।
  • मच्छरों के प्रजनन स्थलों को खत्म करें: अपने घर के आसपास मच्छरों के प्रजनन स्थलों को खत्म करें, जैसे कि खड़े पानी के तालाब।
  • घर मैं मच्छरों से बचा के लिए मच्छरों वाली अगरबत्ती, गुड नाईट और आल आऊट जैसी मशीनों का उपयोग करे।

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चिकनगुनिया कितने दिन तक रहता है।

चिकनगुनिया के सामान्य लक्षणों में बुखार हाथ पैर दर्द सिर दर्द शामिल है जो दो से तीन दिनों तक रहता है इसके अलावा चिकनगुनिया का वायरस पीड़ित व्यक्ति में एक सप्ताह तक रहता है। चिकनगुनिया के लक्षणों के कम होने के बाद भी इसके वायरस पीड़ित व्यक्ति मैं 7 दिनो तक शरीर मैं सक्रिय हो सकते है।


चिकनगुनिया से होने वाले जोड़ों के दर्द का इलाज।

चिकनगुनिया में जोड़ों का दर्द इसके सामान्य लक्षणों में शामिल है तथा जिससे राहत पाने के लिए आप गिलोय वटी, चंद्रप्रभा वटी या फिर अंग्रेजी दवाइयां जैसे कि पेरासिटामोल आदि दर्द निवारक दवाओ का इस्तेमाल चिकित्सक की सलाह से कर सकते हैं।


FAQ: चिकनगुनिया की आयुर्वेदिक दवा पतंजलि। 

Q: चिकनगुनिया की आयुर्वेदिक दवा क्या है?

Ans: चिकनगुनिया के लिए गिलोय (गुडुची), अश्वगंधा, मुलेठी, महासुदर्शन वटी, महासुदर्शन काढ़ा, महासुदर्शन चूर्ण अच्छी आयुर्वेदिक दवा है।

Q: चिकनगुनिया को घर पर ठीक करने का सबसे तेज़ तरीका क्या है?

Ans: चिकनगुनिया को घर पर ठीक करने के लिए नारियल पानी का सेवन करे, हरी सब्जियां खाएं, हरी सब्जियों का सूप बनाए, विटामिन ई और जिंक युक्त आहार का सेवन करे इसके अलावा मसाहारी आहार का सेवा न करे 

Q: चिकनगुनिया से कौन सा अंग प्रभावित होता है?

Ans: चिकनगुनिया मैं शरीर के कंधे, कमर, घुटने और हाथो के जोड़ सबसे ज्यादा प्रभावित होते है इसके अलावा सिर दर्द भी होता है

Bablu Bhengra
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