पतंजलि वृद्धिवाधिका वटी के फ़ायदे नुकसान। Patanjali Vridhivadhika vati uses in hindi

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पतंजलि पतंजलि वृद्धिवाधिका वटी के फायदे: पतंजलि वृद्धिवाधिका वटी आयुर्वेद चिकित्सा मैं एक जानी मानी फायदेमंद दवाई है तथा इस लेख में हम पतंजलि वृद्धिवाधिका वटी के फायदे और नुकसान के बारे में जानेंगे तथा इसका उपयोग कैसे किया जाता है और इसके इस्तेमाल के दौरान को कौन-कौन सी सावधानियां रखनी चाहिए इसके बारे में भी हम इस लेख में जानेंगे।


पतंजलि वृद्धिवाधिका वटी क्या है। Patanjali Vridhivadhika Vati in Hindi 

पतंजलि वृद्धिवाधिका वटी आयुर्वेद आयुर्वेद चिकित्सा जगत की एक बहुत ही जानी-मानी और कारगर दवाई है जिसका उपयोग हर्निया जैसे गंभीर रोगों के उपचार के लिए किया जाता है इसके अलावा इसके और भी अन्य फायदे हैं इसके बारे में हम आगे इस लेख में विस्तार से जानेंगे।


पतंजलि वृद्धिवाधिका वटी के फ़ायदे। Patanjali Vridhivadhika Vati benefits in Hindi 

1. हर्निया के उपचार के लिए।

पतंजलि वृद्धिवाधिका वटी का उपयोग मुख्य तौर पर हर्निया रोग के उपचार के लिए किया जाता है। हर्निया रोग जिस आत्रवृद्धि भी कहा जाता है पतंजलि वृद्धिवाधिका वाटी में मौजूद प्राकृतिक जड़ी बूटियां आत्रवृद्धि को रोककर इसके उपचार में मदद करती हैं।

2. अंडकोष विकार मैं लाभकारी।

अंडकोष से संबंधित बीमारियों के लिए भी पतंजलि वृद्धिवाधिका वटी एक लाभकारी दवाई है यह अंडकोषों में पुराने और नए सभी प्रकार की वृद्धि को खत्म करती है इसके अलावा यह अंडकोष में जल भरण, दर्द होना, रक्त और जल भरना जैसे रोगों मैं भी लाभकारी होता है।

3. पतंजलि वृद्धिवाधिका वटी फॉर थाइरोइड

थायराइड रोग के उपचार के लिए भी पतंजलि वृद्धिवाधिका वटी वटी का सेवन बेहद फायदेमंद माना जाता है यह थायराइड रोग में होने वाले श्वास नली मैं होने वाले बुरे प्रभाव से बचाती है।

4. पोषण प्रदान करे।

वृद्धिवाधिका वटी मैं विभिन्न प्रकार की औषधियां सम्मिलित की गई जो प्राकृतिक विटामिंस और मिनरल्स से समृद्ध होती है तथा यह शरीर को पोषण प्रदान करती है और शरीर मैं एनर्जी के लेवल को बनाए रखने मैं मदद करती है।

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कांचनार गुग्गुल और वृद्धिवाधिका वटी के फायदे। Kanchnar Guggul and Vridhivadhika vati

कांचनार गुग्गुल और पतंजलि वृद्धिवाधिका वटी आयुर्वेद चिकित्सा जगत में एक बहुत ही फायदेमंद और जानी-मानी औषधि है इन दोनों दवाइयां का उपयोग ग्रंथि या गांठ रोग जिसे सिस्ट के नाम से जाना जाता है। इसके उपचार के लिए इन दोनो आयुर्वेदिक दवाओं का उपयोग किया जाता है।


चंद्रप्रभा वटी और वृद्धिवाधिका वटी के फ़ायदे।

वृद्धिवाधिका वटी का उपयोग अंडकोष से संबंधित बीमारियों के उपचार के लिए किया जाता है तथा चंद्रप्रभा वटी भी मूत्र संबंधित रोगों के उपचार मैं उपयोगी होता है तथा इन दोनो को एक साथ उपयोग किए जाने पर यूटीआई और अंडकोष संबंधी बीमारी मैं जल्दी आराम मिलने की संभावना को बढ़ाया जा सकता है।

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पतंजलि वृद्धिवाधिका वटी के नुकसान । Patanjali Vridhivadhika Vati side effects in hindi

पतंजलि वृद्धिवाधिका वटी के साइड इफेक्ट्स क्या है?  पतंजलि वृद्धिवाधिका वटी एक आयुर्वेदिक दवाई है तथा यही कारण है कि इसके दुष्प्रभावों के बारे में चिकित्सा जगत में कोई जानकारी उपलब्ध नहीं है अथवा अज्ञात है।

लेकिन कुछ स्थितियों में इसके दुष्प्रभाव देखने को मिल सकते हैं तो आईए जानते हैं कि  पतंजलि वृद्धिवाधिका वटी के क्या साइड इफेक्ट्स होते हैं।

  • निर्धारित मात्रा से अधिक और गलत तरीके से पतंजलि वृद्धिवाधिका वटी का सेवन किए जाने पर इसके दुष्प्रभाव शरीर पर देखने को मिल सकते हैं।
  • शराब पीने के बाद यदि कोई व्यक्ति पतंजलि वृद्धिवाधिका वटी का सेवन करता है तो ऐसी स्थिति में भी इसके दुष्प्रभाव शरीर पर हो सकते हैं। क्योंकि यह अल्कोहल के साथ मिश्रित होकर बॉडी पर विपरीत प्रभाव डाल सकता है।
  • ऐसे व्यक्ति जो किसी गंभीर बीमारी से पीड़ित है और वह बिना अपने डॉक्टर की सलाह के पतंजलि वृद्धिवाधिका वटी का सेवन करते हैं तो ऐसी स्थिति में भी इसके दुष्प्रभाव शरीर पर हो सकते हैं।
  • पतंजलि वृद्धिवाधिका वटी में उपस्थित किसी घटक सामग्री से एलर्जी होने के बावजूद भी यदि इसका उपयोग किया जाता है तो ऐसी स्थिति में भी इसके दुष्प्रभाव शरीर पर हो सकते हैं।
  • एक्सपायर हो चुके पतंजलि वृद्धिवाधिका वटी का सेवन किए जाने पर भी इसके दुष्प्रभाव होने के खतरे बढ़ सकते हैं। तथा उपयोग से पहले एक्सपायरी डेट अवश्य चेक करें।

पतंजलि वृद्धिवाधिका वटी के इस्तेमाल के दौरान किसी भी प्रकार के दुस्प्रभावों का अनुभव होने पर इसका सेवन बंद कर दें और तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।

पतंजलि वृद्धिवाधिका वटी के दुष्प्रभाव से जुड़े यदि आपके कुछ व्यक्तिगत अनुभव या जानकारी है तो कमेंट के माध्यम से हमारे साथ जरूर शेयर करें यह हमारे और हमारे पाठको के लिए एक महत्वपूर्ण जानकारी होगी।

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पतंजलि वृद्धिवाधिका वटी से सम्बन्धित सावधानी। Patanjali Vridhivadhika Vati related precautions & warnings in Hindi

पतंजलि वृद्धिवाधिका वटी का सेवन करने से पहले कुछ सावधानियां है जिन्हे ध्यान मैं रखना बेहद जरूरी है इन महत्वपूर्ण बातों को यदि आप ध्यान में रखते हैं तो अनजाने मैं होने वाली कई प्रकार की नुकसान से बच सकते हैं।

  • गर्भवती महिलाओं को पतंजलि वृद्धिवाधिका वटी का सेवन चिकित्सक की सलाह के बाद ही करना चाहिए।
  • ऐसे लोग जो वर्तमान समय मैं किसी गंभीर बीमारी से पीड़ित है और उपचार ले रहे है उन्हे इसका सेवन चिकित्सक की सलाह के बाद ही करना चाहिए।
  • हाई ब्लड प्रेशर और डायबिटीज के मरीजों को इसका सेवन अपने चिकित्सक की सलाह के बाद ही करना चाहिए।
  • ऐसी महिलाएं जो की हाल ही मे मां बनी है और अपने शिशु को स्तनपान कराती है उन्हें इसका सेवन अपने चिकित्सक की सलाह के बाद ही करना चाहिए।
  • पतंजलि वृद्धिवाधिका वटी मैं मोजूद किसी घटक सामग्री से एलर्जी अथवा किसी प्रकार की समस्या होने पर इसका उपयोग ना करे।
  • अन्य किसी भी दवाई अथवा सप्लीमेंट्स के साथ इसका उपयोग करने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें।
  • पतंजलि वृद्धिवाधिका वटी का सेवन पैक पर दिए निर्देश अथवा चिकित्सक द्वारा बताए गए तरीकों से ही सेवन करें।
  • पतंजलि वृद्धिवाधिका वटी का उपयोग करने से पहले पैक पर दिए गए सभी महत्वपूर्ण निर्देशों को ध्यानपूर्वक पढ़ें।
  • पतंजलि वृद्धिवाधिका वटी का सेवन करने से पहले अपनी वर्तमान स्वास्थ्य स्थिति का आकलन करें।
  • सर्जरी या ऑपरेशन जैसी स्थितियों मैं इसका सेवन करने के पूर्व चिकित्सक की सलाह आवश्यक है।

यह भी पढ़े


पतंजलि वृद्धिवाधिका वटी सेवन विधि। Patanjali Vridhivadhika Vati How to use in Hindi 

पतंजलि वृद्धिवाधिका वटी का सेवन कैसे करें? पतंजलि वृद्धिवाधिका वटी लेने का तरीका क्या है। किसी दवाई को लेने का एक सही समय और तरीका होता है तथा तभी यह आपके शरीर को पूर्ण रूप से फायदा पहुंचती है।

ठीक उसी प्रकार से  पतंजलि वृद्धिवाधिका वटी को भी लेने का तरीका होता है तो आईए जानते हैं कि पतंजलि वृद्धिवाधिका वटी का सेवन कैसे किया जाता है।

पतंजलि वृद्धिवाधिका वटी खाने का तरीका : पतंजलि वृद्धिवाधिका वटी का लाभ लेने के लिए 2 –2 गोली पानी के साथ भोजन के बाद सुबह शाम या चिकित्सक के निर्देशानुसार सेवन करें ।

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पतंजलि वृद्धिवाधिका वटी का मूल्य। Patanjali Vridhivadhika Vati price 

80 टैबलेट वाले पतंजलि वृद्धिवाधिका वटी कीमत 225 रुपए है जिसे आप किसी भी मेडिकल स्टोर या फिर ऑनलाइन शॉपिंग वेबसाइट अमेजॉन फ्लिपकार्ट से खरीद सकते हैं।


पतंजलि वृद्धिवाधिका वटी के घटक । Patanjali Vridhivadhika Vati ingredients in Hindi 

पतंजलि वृद्धिवाधिका वटी घटक सामग्री: 

  • शुद्ध पारद
  • शुद्ध गंधक
  • लौह भस्म
  • ताम्र भस्म
  • कास्य भस्म
  • बंग भस्म
  • हरताल
  • तूतिया
  • कपरदक भस्म
  • मरीच
  • पिपली
  • हरितकी 
  • अमलकी
  • देवदारू
  • इलाइची
  • वचा

FAQ: पतंजलि वृद्धिवाधिका वटी के फ़ायदे नुकसान। Patanjali Vridhivadhika vati uses in hindi

Q: वृद्धिवाधिका वटी कैसे काम करती है?

Ans: वृद्धिवाधिका वटी मैं पारद, हरताल, हरितकी, वाचा और देवादारु जैसी कई बहुमूल्य औषधियों को सम्मिलित किया गया है जो वृद्धि से सबंधित बीमारी के इलाज मैं मदद करती है तथा यह अनावश्यक कोशिकाओं और उत्तकों को खत्म करती है।

Q: क्या वृद्धिवधिका वटी काम करती है?

Ans: सही मात्रा और नियम अनुसार चिकित्सक की सलाह से वृद्धिवधिका वटी का सेवन किया जाता है तो यह बहुत कारगर सिद्ध हो सकती है।

Q: वृद्धिवधिका वटी कितने की आती है?

Ans: वृद्धिवधिका वटी भारत की अलग अलग आयुर्वैदिक दवाई कंपनियां करती है तथा जिसकी कीमत 100 रुपए से लेकर 400 रुपए तक हो सकती है।

Bablu Bhengra
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