मां का दूध बढ़ाने की आयुर्वेदिक दवा, प्रकृति का अनमोल उपहार।

मां का दूध बढ़ाने की आयुर्वेदिक दवा: मां का दूध नवजात शिशु के लिए सबसे अच्छा भोजन है। यह बच्चे को आवश्यक पोषक तत्व, ऊर्जा और रोग प्रतिरोधक क्षमता प्रदान करता है। एक नवजात बच्चे के लिए 6 महीनो तक मां का दुध सर्वोत्तम पोषण का एक मात्र विकल्प होता है।

कुछ महिलाओं को स्तनपान कराने के दौरान दूध की कमी का अनुभव होता है। यह कई कारणों से हो सकता है, जैसे कि तनाव, थकान, या हार्मोनल असंतुलन।

ब्रेस्ट मिल्क बढ़ाने के लिए क्या पीना चाहिए? आयुर्वेद में स्तनपान कराने वाली महिलाओं के लिए कई प्राकृतिक सामग्रियां और उपचार हैं जो दूध उत्पादन को बढ़ाने में मदद कर सकते हैं।

यहाँ कुछ आयुर्वेदिक दवाएं दी गई हैं जो मां का दूध बढ़ाने में मदद कर सकती हैं:


मां का दूध बढ़ाने की आयुर्वेदिक दवा

1. शतावरी : शतावरी से दूध बढ़ता है क्या? शतावरी यह एक जड़ी-बूटी है जो स्तनपान कराने वाली महिलाओं के लिए एक galactagogue के रूप में काम करती है। यह दूध उत्पादन को बढ़ाने और स्तन के दूध की गुणवत्ता में सुधार करने में मदद करती है।

2. मेथी: यह एक प्राकृतिक खाद्य सामग्री है जो स्तनपान कराने वाली महिलाओं के लिए एक galactagogue (मिल्क बूस्टर पदार्थ ) के रूप में भी काम करती है। यह दूध उत्पादन को बढ़ाने और स्तन के दूध की गुणवत्ता में सुधार करने में मदद करती है।

3. अश्वगंधा: अश्वगंधा मैं नेचुरल adaptogen यौगिक होता है जो तनाव को कम करने और ऊर्जा के स्तर को बढ़ाने में मदद करता है। यह स्तनपान कराने वाली महिलाओं के लिए दूध उत्पादन को बढ़ाने में भी मदद कर सकता है।

4. अमलकी : यह एक प्राकृतिक और आसानी से मिलने वाली जड़ी-बूटी है जिसमे विटामिन C से भरपूर मात्रा में होती है। यह स्तनपान कराने वाली महिलाओं के लिए प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत करने और दूध उत्पादन को बढ़ाने में मदद कर सकती है।

5. शतावरी गुग्गुल : यह दवा शतावरी और गुगगुल के मिश्रण से बनी होती है। यह स्तनपान कराने वाली महिलाओं के लिए दूध उत्पादन को बढ़ाने और स्तन के दूध की गुणवत्ता में सुधार करने में मदद करती है।

6. मेथी का अर्क या कैप्सूल : यह दवा मेथी के बीजों और अर्क से बनी होती है। यह स्तनपान कराने वाली महिलाओं के लिए दूध उत्पादन को बढ़ाने और स्तन के दूध की गुणवत्ता में सुधार करने में मदद करती है।

7. जीरा: जीरा हर भारतीय घर मैं पाया जाने वाला मसाला है जीरा कैल्सियम, आयरन, प्रोटिन और विटामिन बी का एक अच्छा स्त्रोत माना जाता है तथा यह महिलाओं मैं दूध को बढ़ाने मैं सहायक होता है और पाचन और एनर्जी संबंधी समस्याओं मैं भी लाभ पहुंचाता है।

आयुर्वेदिक दवाओं का सेवन करने से पहले, अपने डॉक्टर से सलाह लेना महत्वपूर्ण है।


ब्रेस्ट मिल्क बढ़ाने के लिए क्या पीना चाहिए?

आयुर्वेद चिकित्सकों और विशेषज्ञों के अनुसार ब्रेस्ट मिल्क बढ़ाने के लिए गाय के दूध में शतावर चूर्ण मिलाकर सुबह शाम पीने से लाभ मिलता है इसके अलावा अजवाइन और जीरा का पानी पीने से भी ब्रेस्ट मिल्क बढ़ाने में मदद मिल सकती है।

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दूध बढ़ाने की आयुर्वेदिक दवा पतंजलि

पतंजलि आयुर्वेद भारत की जानी-मानी आयुर्वेदिक दवाई कंपनी है तथा महिलाएं दूध बढ़ाने के लिए पतंजलि की आयुर्वेदिक दवाओ का इस्तेमाल कर सकती है दूध बढ़ाने के लिए पतंजलि आयुर्वेद के दवाइयां कुछ इस प्रकार है।

  • शतावरी चूर्ण
  • अश्वगंधा चूर्ण

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मां का दूध बढ़ाने के अन्य प्राकृतिक उपाय।

यहाँ कुछ अतिरिक्त सुझाव दिए गए हैं जो आपको मां का दूध बढ़ाने में मदद कर सकते हैं:

  • अपने बच्चे को बार-बार स्तनपान कराएं।
  • पर्याप्त मात्रा में पानी और तरल पदार्थ पिएं।
  • पौष्टिक और संतुलित आहार खाएं।
  • तनाव कम करें।
  • पर्याप्त नींद लें।

इन सुझावों का पालन करके, आप स्तनपान कराने के दौरान दूध उत्पादन को बढ़ाने और अपने बच्चे को सबसे अच्छा भोजन प्रदान करने में मदद कर सकते हैं।

अंत में, मैं यह कहना चाहूंगा कि यह ब्लॉग पोस्ट केवल जानकारी के लिए है। यदि आपको कोई स्वास्थ्य समस्या है, तो कोई भी दवा लेने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह लें।

Bablu Bhengra
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